Friday, October 18, 2024

जमीन वक्फ की,कब्जा कांग्रेसियों का

रमेश कुमार ‘रिपु’ यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को हड़प बोर्ड बना दिया। इसका फायदा कांग्रेसियों ने खूब उठाया। वक्फ की जमीनों पर कब्जा कर घर बना लिए। बाद में पार्टी बदल कर बीजेपी में चले गए। मोदी सरकार ने वक्फ संशोधन बिल संसद में पेश किया तो पता चला कि वक्फ के पास रेल्वे से भी ज्यादा जमीन है। वक्फ संशोधन बिल संसद में पेश करने के बाद पता चला कि वक्फ के पास रेल्वे से भी ज्यादा जमीन है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने सन् 2022 में बताया था वक्फ बोर्ड के पास 865644 अचल संपत्तियां हैं। लगभग 9.4 लाख एकड़ वक्फ की जमीनों की अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ है। लेकिन देखा जाए तो वक्फ की ज्यादातर जमीनों पर कांग्रेसियों का कब्जा है। इसके अलावा बीजेपी के विधायक और मंत्री भी अपना घर बना रखे हैं। वक्फ की जमीन में अस्पताल और स्कूल बनने चाहिए लेकिन काम्पलेक्स और दुकानें बनी हुई है। हर जिले के वक्फ के अध्यक्ष वक्फ की जमीन पर बने दुकानों से कमाई कर रहे हैं। पूर्व विधान सभा अध्यक्ष का घर वक्फ की जमीनों का मामला हमेशा विवादित रहा है। इस समय 58 हजार से ज्यादा वक्फ की जमीनों के मालिकाना हक से जुड़ी याचिकाएं लंबित हैं। करीब साढे बाहर हजार मामले अलग अलग प्रदेशों में लंबित हैं। वहीं 18 हजार से ज्यादा मामले ट्रिव्यूनल में पेंडिग है। और करीब 165 मामले सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में लबित है। संभागीय मुख्यालय रीवा में अमहिया की जमीन का भी मामला लंबित है। इस मोहल्ले के 131 लोगों को नोटिस दी गयी थी। कई लोग जमानत पर हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व विधान सभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी का घर भी वक्फ की जमीन पर है। यहां के कई विधायक और नेताओं के भी घर बने हुए हैं।रीवा में 70 एकड़ जमीन वक्फ की है। लेकिन 60 एकड़ जमीन पर राजनीतिक और ओहदेदारों का कब्जा है। भोपाल के आरिफ अकील ने वक्फ की जमीन पर आरिफ नगर बसाया। सिद्धार्थ फंस गए पूर्व विधान सभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी जो कि त्योंथर से बीजेपी के विधायक हैं। उन्होंने अमहिया मार्ग के किनारे हाजी बाबा सैय्यद जहूर अली की मजार को सरकारी जमीन पर होने की बात कहकर मुस्लिम समाज को स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के खिलाफ करने बयान दिया। इसे उन्होंने लैंड जेहाद कहा। लेकिन दरगाह के लोगों ने जिला प्रशासन के समक्ष कागजात पेश कर दिया कि यह पट्टे की जमीन पर मजार बना है। जो रास्ता छोड़ा गया है वो भी पट्टे की जमीन है। सिद्धार्थ का सांसद जनार्दन मिश्रा से 36 का सियासी रिश्ता होने के चलते उन्होंने डिप्टी सीएम को घेरने की कोशिश की। लेकिन मामला उल्टा पड़ गया है। अब जिला वक्फ कह रहा है, सिद्धार्थ जिसमें रह रहे हैं वो जमीन वक्फ की है। खाली करें। क्यों नये बिल की जरूरत नए बिल की जरूरत इसलिए पढ़ गयी है कि 1954 में सरकार ने जो जमीन वक्फ को दी थी वही उसकी जमीन है। लेकिन देखा गया है कि आज की तारीख में वक्फ ने जबरिया सरकारी जमीनों पर कब्जा कर उसे अपना बना लिया है। यही वजह है कि उसके पास रेल्वे से भी ज्यादा जमीनें हैं। जिन जमीनों पर दावा वो कर रहा है उसके कागजात उसके पास होना चाहिए,लेकिन हैं नहीं। यह बात मोदी सरकार जानती है। यही वजह है कि वो कांग्रेस के शासन में वक्फ को मिले अधिकार को संकुचित करने नया बिल संसद में पेश किया है।यह जरूरी भी है। वक्फ किसी की भी जमीन पर अपना दावा ठोक कर उसे अपना बताता आया है। वक्फ के मामले की सुनवाई भी इतनी आसान नहीं है। वक्फ पर सरकार चाहती है नियंत्रण मोदी सरकार वक्फ बोर्ड के काननू में चालीस तरह के बदलाव करना चाहती है। यदि कानून पास हो गया तो वक्फ बोर्ड में दो अन्य जाति के लोग भी रहेंगे। और यही मुस्लिम समुदाय नहीं चाहता। सेक्शन 9 और 14 में बदलाव कर महिलाओं को महिलाओं को भी जगह दी जाएगी। सरकार वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर अपना नियंत्रण चाहती है। भविष्य में वक्फ की संपत्तियों का आडिट कैग के जरिये होगा। राज्य और केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों में दखल नहीं दे सकती हैं, लेकिन कानून में बदलाव के बाद वक्फ बोर्ड को अपनी संपत्ति जिला मजिस्ट्रेट के दफ्तर में रजिस्टर्ड करानी होगी। ताकि संपत्ति के मालिकाना हक की जांच हो सके।नए बिल के पास होने पर वक्फ की संपत्तियों और उसके राजस्व की जांच जिला मजिस्ट्रेट कर सकेंगे। नए बिल से फायदा यह होगा कि वक्फ ट्रिव्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट मे चुनौती दिया जा सकेगा। जब तक कोई जमीन दान में नहीं देगा तब तक वह संपत्ती वक्फ की नहीं होगी भले उस पर मस्जिद ही क्यों न हो। नये बिल का विरोध क्यों मुस्लिम सम्प्रदाय वक्फ के नए बिल का विरोध कर रहे हैं। उसकी वजह यह बताते हैं कि वक्फ की संपत्ति अल्लाह के नाम की संपत्ति है। ऐसे में मोदी सरकार वक्फ के कानून में बदलाव करके वक्फ बोर्ड की स्वतंत्रता और स्वायत्ता छीनना चाहती है। जो कि उचित नहीं है। लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना है कि वक्फ के कानून में बदलाव होना चाहिए। इसलिए कि मुस्लिम बाहर से आए हैं। ऐसे में मंदिर से ज्यादा जमीनें उनके पास गलत तरीके से हो गयी है। देखा जाए तो देश में सन् 2009 के बाद वक्फ की संपत्तियों में भारी इजाफा हुआ है। वक्फ बोर्ड के पास 865644 अचल संपत्तियां हैं। लगभग 9.4 लाख एकड़ वक्फ की जमीनों की अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ है। छत्तीसगढ़ में अवैध कब्जा छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सलमान रिजवी कहते हैं वक्फ की 90 फीसदी जमीनों पर अवैध तरीके से लोग कब्जा कर रखे हैं। इनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जे की विस्तृत जांच होनी चाहिए। ज्यादातर संपत्तियों पर कांग्रेस नेताओं का कब्जा है। छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा करके 5000 करोड़ रुपए संपत्ति जुटा ली है। उसके पास दस हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ती है। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने वक्फ के मूल अधिनियम में संशोधन लाकर वक्फ बोर्डों को अधिक व्यापक अधिकार प्रदान किए गए थे। इसी वजह से वक्फ बोर्ड बहुत अधिक शक्तिशाली हो गया। उसके अधिकारों पर अंकुश जरूरी है। बहरहाल वक्फ बोर्ड हड़प बोर्ड बन गया है।

लारेंस का आर्डर,कर दिया मर्डर... खतरा टला नहीं

एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने पूरी मुंबई पुलिस को हिला दी है। लारेंस का आर्डर केवल बाबा सिद्दीकी की हत्या का ही नहीं था बल्कि उनके बेटे जीशान की भी हत्या करने का था। पुलिस इस हत्याकांड के बाद सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी है लेकिन यह माना जा रहा है कि मुबई में डी कंपनी के बाद नया डाॅन लारेंस विश्वनोई बन गया है। जो जेल के अंदर से अपने गुर्गो के जरिए लोगों का मरवा रहा है। एक फोन आ जाने की वजह से बाबा सिद्दीकी का बेटा जीशान की जान बच गयी। लेकिन खतरा टल गया है,ऐसा नहीं कहा जा सकता है। जीशान बांद्रा से ही कांग्रेस विधायक हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र में री डेवलपमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। इस री डेवलपमेंट के तहत झुग्गियों को तोड़कर वहां रह रहे लोगों को हटाया जाना था। इसके विरोध में जीशान ने अनशन भी किया था। इस हत्या को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई खुलासा नहीं कर पाई है। लेकिन सोशल मीडिया की पेास्ट से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि री डेवलपमेंट के विरोध को लेकर बाबा सिद्दीकी को धमकी दी गई थी। चूंकि बाबा सिद्दीकी हमेशा से ही सलमान के मददगार रहे हैं। ऐसे में हो सकता है कि लारेंस ने अपने गैंग को बाबा सिद्दीकी और जीशान दोनों के मर्डर की जिम्मेदारी दी गई हो। सलमान से दोस्ती तो खैर नहीं लारेंस गैंग का दावा है कि वे सलमान खान से कोई युद्ध नहीं चाहते थे लेकिन बाबा सिद्दिकी की हत्या की वजह उनके दाऊद इब्राहीम और अनुज थापन के साथ संबंध था। बाबा सिद्दीकी का कथित शराफत का चोला पहन कर लोगों को गुमराह करते आए हैं। उनका बीते समय में दाऊद इब्रहिम के साथ मकोका एक्ट में शामिल होने का भी गवाह है। बिश्नोई गैंग का दावा है कि जो कोई भी सलमान खान और दाऊद के गिरोह की मदद करेगा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। गैंग की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर कोई उनके भाई को नुकसान पहुंचाएगा तो उसकी खैर नहीं है। बाबा से मांगा बीस करोड़ शिवकुमार गौतम जो कि बहराइच का रहने वाला है।धर्मराज कश्यप भी यही का है। और गुरमैल सिंह. हरियाणा के कौथल का रहने वाला है।तीनों आरोपियों की पहचान हो गयी है। धर्मराज और गुरमैल की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं शिवा फरार है। बाबा सिद्दीकी मर्डर केस को पुलिस अन्य एंगल से भी तहकीकात कर रही है। कहीं लारेंस मुंबई मंे डी कंपनी की तरह अपना दबदबा कायम करने के लिए तीनों लड़कों को सामने तो नहीं किया। और इस मर्डर में क्या वाकय में लारेंस विश्वनोई के गुर्गो का हाथ है या फिर डी कंपनी का हाथ है। सूत्रों का कहना है कि कुछ दिनों पहले बाबा सिद्दकी को फोन आया था उनसे बीस करोड़ रुपए मांग गए थे। मांगने वाला अपने आप को डी कंपनी का आदमी बता रहा था। सबसे बड़ा डाॅन लारेंस सबसे बड़ा डाॅन बनने की फिराक में है। पुलिस की मानें तो लारेंस विश्नोई अपने जुर्म का साम्राज्य भारत के 11 राज्य और 6 देशों तक फैला लिया है। हर राज्य की जिम्मेदारी अलग-अलग लोग संभालते हैं। कनाडा, पंजाब दिल्ली की कमान गोल्डी बराड़ के पास है। राजस्थान मध्यप्रदेश की कमान रोहित गोदारा के पास है। वहीं पुर्तगाल अमेरिका दिल्लीएनसीआर महाराष्ट्र बिहार पश्विम बंगाल की कमान अनमोल विश्नोई के पास है। हरियाणा उत्तराखंड की कमान काला जठेड़ी के पास है। पूरे गैंग की रिपोर्ट सीधे साबरमती जेल में बंद लारेंस विश्नोई को दी जाती है। बिश्नोई के गैंग में सात सौ शूटर पुलिस की अपनी कहानी है। उसका दावा है कि बिश्नोई गैंग में 700 से ज्यादा शूटर हैं। जिसमें 300 पंजाब के युवा हैं। गौरतलब है कि एक समय लारेंस बिश्नोई का गैंग सिर्फ पंजाब तक सीमित था। धीरे धीरे उसके साथ अपराधिक और बेरेाजगार युवा उससे जुड़ते गए। उसके अपराध का तंत्र फैलने के बाद उसके सम्मोहन में खुद बखुद युवा जुड़ते गए।