नहीं चलेगी बदलापुर की राजनीति: डाॅ रमन
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ रमन सिंह कहते हैं कि बीजेपी की इतनी बड़ी जीत मोदी और राष्ट्र भक्तों की है। भूपेश बघेल राष्ट्रीय नेता बनने का ख्वाब देख रहे थे। जबकि वे अपने ही विधान सभा के बूथ को नहीं बचा सके। प्रदेश में बदलापुर की राजनीति नहीं चल सकती। कांग्रेस की झूठ में पड़कर जनता उसे विधान सभा में वोट कर दिया था,लेकिन लोकसभा में उसने राष्ट्रवाद को मजबूत करने वाली पार्टी बीजेपी को वोट किया। डाॅ रमन सिंह से रमेश कुमार ‘‘रिपु’’ हुई बातचीत के प्रमुख अंश
0 प्रदेश में बीजेपी की सरकार नहीं होने के बाद भी, कांग्रेससे अधिक सीट लोकसभा में बीजेपी को मिलने की वजह आप क्या मानते हैं।
00 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के झूठे वादे के चक्कर में पड़कर लोगों ने वोट दिया था लेकिन, ये अब भ्रम टूट गया है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में हमने यह विश्वास व्यक्त किया था की राज्य की जनता एग्जिट पोल से भी बेहतर समर्थन दे चुकी है और परिणाम आने पर यह बात सत्य साबित हुई है। एग्जिट पोल से ही यह संकेत मिल गए थे कि छत्तीसगढ़ सहित देश की जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में स्वाभिमानी सरकार चुनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह भारत की जीत है। भारत के जनता की जीत है।
0 क्या भूपेश बघेल सरकार के बदलापुर राजनीति का भी कोई असर था?
00 बदलापुर की सरकार वाली मानसिकता छत्तीसगढ़ में नहीं चल सकती। देश नये युग में प्रवेश कर रहा है। नया इतिहास रचा गया है। यह दूसरा अवसर है जब किसी पार्टी को अपने बूते सरकार बनाने का अवसर जनता ने दिया। जनता झूठ के सब्ज बाग दिखाने वाली पार्टी को पसंद नहीं करती। कंाग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा था यदि हम सात सीट नहीं जीते तो हमें समीक्षा करना पड़ेगा। अब कांग्रेस को समीक्षा करनी चाहिए कि वे पांच महीने पहले विधान सभा में 68 सीट जीते थे। लोकसभा चुनाव में भाजपा 66 विधान सभा सीटों में बढ़त कैसे बना ली।
0 भाजपा की इतनी बड़ी जीत को आप किस रूप में लेते है।
00 बीजेपी की इतनी बड़ी जीत मोदी और राष्ट्र भक्तों की है। भूपेश बघेल प्रधान मंत्री को आइना भेजे थे। अब एक बार उस आइने में अपना चेहरा देख लें। प्रधान मंत्री को किये ट्वीट की भाषा देखिये, लिखा, अरे प्रधान मंत्री जी रिजल्ट का इंतजार कर लेते। अभी से झोला उठाकर चल दिये। झोला उठाकर जाने की जरूरत अब उन्हें है।
0 भूपेश बघेल इस चुनाव में कई स्थानों में कांग्रेस का प्रचार करके राष्ट्रीय नेता बन गये। कुछ कहेंगे।
00 हंसते हुए कहा, प्रदेश समेत देश के दूसरे हिस्से में जहां,जहां भूपेश बघेल के पांव पड़े, वहां कांग्रेस की लुटिया डूब गई। अमेठी में राहुल को जीता नहीं पाए। भोपाल में दिग्विजय के साथ भी यही हुआ। लखनऊ गए और वहां भी हार मिली। जबलपुर में भी कांग्रेस हार गई। छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी हार दुर्ग से हुई, जो खुद सीएम का गढ़ है। भूपेश बघेल की अपनी बूथ में विधानसभा में कांग्रेस चुनाव हार गई। भूपेश बघेल राष्ट्रीय स्तर के नेता बनने का ख्वाव देख रहे थे। 5 महीने के इनके कार्यकाल को छत्तीसगढ़ की जनता ने नकार दिया है।
0 राज्य में प्रदेश के सांसदों की क्या भूमिका रहेगी।
00 राज्य के विकास के लिए छत्तीसगढ़ के सांसदों की अहम भूमिका होगी। उम्मीद है इतनी बड़ी जीत में यहां से किसी को मंत्री बनाया जा सकता है। उसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। सांसद यहां के लिये नेशनल हाइवे और रेलवे के प्रोजेक्ट को स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। ताकि प्रदेश को इसका लाभ मिल सके।
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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ रमन सिंह कहते हैं कि बीजेपी की इतनी बड़ी जीत मोदी और राष्ट्र भक्तों की है। भूपेश बघेल राष्ट्रीय नेता बनने का ख्वाब देख रहे थे। जबकि वे अपने ही विधान सभा के बूथ को नहीं बचा सके। प्रदेश में बदलापुर की राजनीति नहीं चल सकती। कांग्रेस की झूठ में पड़कर जनता उसे विधान सभा में वोट कर दिया था,लेकिन लोकसभा में उसने राष्ट्रवाद को मजबूत करने वाली पार्टी बीजेपी को वोट किया। डाॅ रमन सिंह से रमेश कुमार ‘‘रिपु’’ हुई बातचीत के प्रमुख अंश
0 प्रदेश में बीजेपी की सरकार नहीं होने के बाद भी, कांग्रेससे अधिक सीट लोकसभा में बीजेपी को मिलने की वजह आप क्या मानते हैं।
00 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के झूठे वादे के चक्कर में पड़कर लोगों ने वोट दिया था लेकिन, ये अब भ्रम टूट गया है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में हमने यह विश्वास व्यक्त किया था की राज्य की जनता एग्जिट पोल से भी बेहतर समर्थन दे चुकी है और परिणाम आने पर यह बात सत्य साबित हुई है। एग्जिट पोल से ही यह संकेत मिल गए थे कि छत्तीसगढ़ सहित देश की जनता ने मोदी जी के नेतृत्व में स्वाभिमानी सरकार चुनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह भारत की जीत है। भारत के जनता की जीत है।
0 क्या भूपेश बघेल सरकार के बदलापुर राजनीति का भी कोई असर था?
00 बदलापुर की सरकार वाली मानसिकता छत्तीसगढ़ में नहीं चल सकती। देश नये युग में प्रवेश कर रहा है। नया इतिहास रचा गया है। यह दूसरा अवसर है जब किसी पार्टी को अपने बूते सरकार बनाने का अवसर जनता ने दिया। जनता झूठ के सब्ज बाग दिखाने वाली पार्टी को पसंद नहीं करती। कंाग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा था यदि हम सात सीट नहीं जीते तो हमें समीक्षा करना पड़ेगा। अब कांग्रेस को समीक्षा करनी चाहिए कि वे पांच महीने पहले विधान सभा में 68 सीट जीते थे। लोकसभा चुनाव में भाजपा 66 विधान सभा सीटों में बढ़त कैसे बना ली।
0 भाजपा की इतनी बड़ी जीत को आप किस रूप में लेते है।
00 बीजेपी की इतनी बड़ी जीत मोदी और राष्ट्र भक्तों की है। भूपेश बघेल प्रधान मंत्री को आइना भेजे थे। अब एक बार उस आइने में अपना चेहरा देख लें। प्रधान मंत्री को किये ट्वीट की भाषा देखिये, लिखा, अरे प्रधान मंत्री जी रिजल्ट का इंतजार कर लेते। अभी से झोला उठाकर चल दिये। झोला उठाकर जाने की जरूरत अब उन्हें है।
0 भूपेश बघेल इस चुनाव में कई स्थानों में कांग्रेस का प्रचार करके राष्ट्रीय नेता बन गये। कुछ कहेंगे।
00 हंसते हुए कहा, प्रदेश समेत देश के दूसरे हिस्से में जहां,जहां भूपेश बघेल के पांव पड़े, वहां कांग्रेस की लुटिया डूब गई। अमेठी में राहुल को जीता नहीं पाए। भोपाल में दिग्विजय के साथ भी यही हुआ। लखनऊ गए और वहां भी हार मिली। जबलपुर में भी कांग्रेस हार गई। छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी हार दुर्ग से हुई, जो खुद सीएम का गढ़ है। भूपेश बघेल की अपनी बूथ में विधानसभा में कांग्रेस चुनाव हार गई। भूपेश बघेल राष्ट्रीय स्तर के नेता बनने का ख्वाव देख रहे थे। 5 महीने के इनके कार्यकाल को छत्तीसगढ़ की जनता ने नकार दिया है।
0 राज्य में प्रदेश के सांसदों की क्या भूमिका रहेगी।
00 राज्य के विकास के लिए छत्तीसगढ़ के सांसदों की अहम भूमिका होगी। उम्मीद है इतनी बड़ी जीत में यहां से किसी को मंत्री बनाया जा सकता है। उसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। सांसद यहां के लिये नेशनल हाइवे और रेलवे के प्रोजेक्ट को स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। ताकि प्रदेश को इसका लाभ मिल सके।
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