0 रमेश तिवारी ‘‘रिपु’’
सुन्दर काया, सुन्दर चेहरे और इश्क से भी ज्यादा मीठी भाषा कहीं है, तो सिर्फ फेस बुक की अनदेखी दुनिया में है। सोशल मीडिया ने दो विपरीत दिलों को बहुत करीब ला दिया है। फेस बुक में तुम,तुम नहीं होना, पहली शर्त है, किसी के दिल तक जाने के लिए। अपना नाम निशा जिंदल रख लो। और दिलकश किसी पाकिस्तानी लड़की की तस्वीर पोस्ट कर दो। यानी लड़की की फोटो एकदम से झकास होनी चाहिए।
एक झलक देखते ही डाॅक्टर, पुलिस,पत्रकार,नेता,विधायक सभी आपको फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दें। इतना ही नहीं, आपके बातें करने का लहजा शबनमी होना चाहिए। ऐसा लिख दें तो कमाल हो जाएगा। मै 32 साल की हूं, मन बहुत करता है शादी करने का। लेकिन क्या करूं,मेरा एक बेटा है पांच साल का। मेरे पति एक एक्सीडेंट में पांच साल पहले ही गुजर गये हैं। एक हमसफर की कमी का एहसास होता है। क्या कोई मेरा हमसफर बन सकता है? मै घर से संपन्न हूं। कई बार रात की तन्हाई मेरे अंग अंग में आग लगा देती है।
ऐसा भी लिख सकते
हैं, मेरा मन करता है किसी के साथ भाग जाऊं। कोई मेरे साथ घर से भागना
चाहेगा? चूंकि आपके फेस बुक में स्मार्ट और खूबसूरत लड़की की तस्वीर है।
जाहिर सी बात है कि सलाह देने वाले और लाइक करने वाले दो तीन हजार हो सकते
हैं। फालोवर दस हजार भी। मेरे दिल में छेद है। डाॅक्टर ने बताया हैं।
आॅपरेशन के लिए मै आर्थिक मदद चाहती हूं। आप मेरे इस अकाउंट में मेरी मदद
कर दीजिए प्लीज।
मै जो यह लिख रहा हूं कोई कल्पना वाली बात नहीं है। फेस बुक में ऐसे लोगों की भरमार है। रायपुर पुलिस ने ऐसे की एक लड़के को पकड़ा है, जो चार साल से इजीनियरिंग पास नहीं कर पा रहा है। दिमागी रूप से विक्षिप्त होने के साथ ही, देखने में भी रिक्शा वाले सा है। लेकिन उसके फेस बुक में हसीन लड़की की तस्वीर होने की वजह से ,उसके दस हजार फालोवर है। सैकड़ों कमेंटस और लाइक आते हैं।
झूठ तो झूठ ही होता है। निशा जिंदल के नाम से बनी फर्जी आईडी वाले महाशय ने कोरोना को लेकर जमातियों के खिलाफ ऐसा उल्टा सीधा लिखा कि, पुलिस को उस तक पहुंचना पड़ा और उसे जेल में डाल दिया, साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोप में।
देखिये आपके फेस बुक में कोई लड़की ,लेखक,डाॅक्टर और पुलिस आॅफिसर बनके आपको मूर्ख तो नहीं बना रही है। आज कल सोच समझ कर कमेंटस करें। एक यूजर शिवांगी बनके आज कल बहुतों को सेवईयां खिलाने वालों के घर में बुके लेकर जाने की बात कर रही है। मैसेजर बाॅक्स में मैसेज भी कर रही है। उसके चेहरे पर फिदा होकर उसकी बातें फालो मत कर लेना,आपको कोरोना हो सकता है।
मै जो यह लिख रहा हूं कोई कल्पना वाली बात नहीं है। फेस बुक में ऐसे लोगों की भरमार है। रायपुर पुलिस ने ऐसे की एक लड़के को पकड़ा है, जो चार साल से इजीनियरिंग पास नहीं कर पा रहा है। दिमागी रूप से विक्षिप्त होने के साथ ही, देखने में भी रिक्शा वाले सा है। लेकिन उसके फेस बुक में हसीन लड़की की तस्वीर होने की वजह से ,उसके दस हजार फालोवर है। सैकड़ों कमेंटस और लाइक आते हैं।
झूठ तो झूठ ही होता है। निशा जिंदल के नाम से बनी फर्जी आईडी वाले महाशय ने कोरोना को लेकर जमातियों के खिलाफ ऐसा उल्टा सीधा लिखा कि, पुलिस को उस तक पहुंचना पड़ा और उसे जेल में डाल दिया, साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने के आरोप में।
देखिये आपके फेस बुक में कोई लड़की ,लेखक,डाॅक्टर और पुलिस आॅफिसर बनके आपको मूर्ख तो नहीं बना रही है। आज कल सोच समझ कर कमेंटस करें। एक यूजर शिवांगी बनके आज कल बहुतों को सेवईयां खिलाने वालों के घर में बुके लेकर जाने की बात कर रही है। मैसेजर बाॅक्स में मैसेज भी कर रही है। उसके चेहरे पर फिदा होकर उसकी बातें फालो मत कर लेना,आपको कोरोना हो सकता है।


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