साधन संपन्न युवा तबका मौज मस्ती वाली पार्टियों में कोकीन,हेरोइन,ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थ लेने लगा है। जवां मन की रईस दुनिया में नशे का स्तर बदल गया है। राजधानी रायपुर ही नहीं, प्रदेश के कई जिलों में महंगे नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। सुरूर में आने का सामान खरीदना रईस तबके के फैशन मंे शुमार हो गया है।
0 रमेश कुमार ‘‘रिपु’’
शराब के नशे से दस गुना ज्यादा कोकीन असरकारक होता है। इसलिए युवाओं में इसकी माँंग ज्यादा है। हर किसी युवा को लगता है कि इसे लेने के बाद वह पूरी रात पार्टी में मस्ती कर सकता है। ब्राउन शुगर, हेरोइन और कोकीन जैसे मादक पदार्थ आंतरिक आनंद से भर देते हैं। उत्तेजना बनाए रखनें में यह अधिक असरकारक है।’’यह कहना है पंचशील नगर रायपुर का निवासी श्रेयाश झाबक का। कोतवाली पुलिस ने इसे और इसके साथी विकास छोर को 17 ग्राम कोकीन के साथ गिरफ्तार किया। बरामद कोकीन की कीमत एक लाख 70 हजार रूपए है। नगर पुलिस अधीक्षक डी.सी. पटेल कहते हैं,‘‘राजधानी रायपुर ड्रग सेंटर बन गया है। यहांँ कई स्थानों में कोकीन, ब्राउन शुगर और हेरोइन के ग्राहक हैं। सभी ग्राहक रईस हैं। बैरन बाजार स्थित पालीटेकनिक काॅलेज के सामने दोनों आरोपी कोकीन के ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। अब रईस लोगों की जिन्दगी का हिस्सा बन गया है ड्रग्स है।’’
राजधानी रायपुर में ड्रग्स के शौकीनों की सूची बेहद लंबी है। दो दर्जन से अधिक लोगों के नाम सामने आने के बाद से खलबली मच गई है। पुलिस अब पता करेगी कि मंुबई मैं ड्रग्स बेचता कौन है, और कहाँं से लाता है। राजधानी रायपुर में बड़ी बड़ी पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले और भी लोग हैं। वैसे प्रदेश में गांजा भारी मात्रा में पुलिस पकड़ती आई है। गांजा की तस्करी पूरे प्रदेश में होती है।
कभी एक्स्टेसी का चलन अधिक था। अब कोकीन,ब्राउन शुगर और हीरोइन बड़ी असानी से उपलब्ध हो जाने की वजह से व्यापारिक घरानों की संताने साथ ही कंपनियों के अधिकारी, जिन्हें भारी वेतन मिलता है। लुत्फ उठाने की चाह रखते हैं। वे ड्रग्स बेचने वालो ंकी तलाश में रहते हैं। अजय कुमार (बदला नाम) ने बताया कि अब ड्रग्स की शर्मिंदगी जैसी बात नहीं रही। पिछले साल मेरे एक मित्र के जन्म दिन मे केक की जगह 20 ग्राम कोकीन का ढेर था। और जब लोगों ने सुना कि इतना सा पावडर दो लाख का है, तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ।’’जाहिर सी बात है कि ड्रग्स का चलन अब बड़े शहरो में आम बात है। सातवे दशक में हरे रामा, हरे कृष्णा फिल्म में जीनत अमान गांजा पीते हुए दम मारो दम,मिट जाएं गम पर थिरकी थीं। तब सारे युवा उनके दीवाने हो गए थे।
और ड्रग्स संस्कृति आ गई
नशा मुक्ति संस्था के अध्यक्ष राम निवास तिवारी कहते हैं,‘‘आज ड्रग्स लेागों की कामयाबी और प्रदर्शन का साधन बन गया है। पहले बड़ी पार्टी मे महंगी शराबें परोसी जाती थी, अब कोकीन और ब्राउन शुगर चलता है। भांग का चलन ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ा है। भांग को अध्यात्मिक प्रसाद कहा जाता है। पहले दिन भर का थका हारा मजदूर, शाम को गांँजा पी लेता था। अब इसका चलन कम उम्र के बच्चों में बढ़ गया है। कह सकते हैं कि 17 वर्ष की उम्र के बच्चे भी गांँजा पीते हैं।’’हाॅस्टल मे ंरहने वाले छात्र और छात्राओ में मौज मस्ती की चाहत सबसे पुरानी मानवीय चाहत है। जाम छलकाना और केरल की मारिजुआना सिगरेट फूकने के लिए किसी पार्टी या क्लब जाने की जरूरत नहीं समझते। नारर्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारी कहते हैं,‘‘ करीब दशक भर पहले तक छत्तीसगढ़ में भांग,गांजा,शराब का नशा करने वाले ही मिलते थे। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद उद्योग धंधे की संख्या बढ़ने के साथ, लोगों के पास जरूरत से ज्यादा पैसा आने से ड्रग्स की संस्कृति यहाँं भी दिखने लगी है। नतीजा, हर जिले में कोकीन,चरस,हीरोइन और ब्राउन शुगर के केस सामने आने लगे हंै।’’
डेढ़ करोड़ की ब्राउन शुगर मिली
महासमुद जिले की पुलिस को राजस्थान निवासी शंकर के पास से 730 ग्राम ब्राउन शुगर मिला। आरोपी रायपुर में कांशीराम नगर में रहता है। उसके पास से ऑटोमेटिक पिस्टल 7.6 एम. एम. और दो जिंदा कारतूस भी मिला। महासमुद एस.पी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि 12 अगस्त को दुपहिया वाहन से आरोपी शंकर रायपुर से अपनी मैस्ट्रो मैजिक वाहन में ब्राउन शुगर लेकर ओडिशा खरियार रोड जा रहा था। घोड़ारी नदी मोड़ के पास जांच के दौरान पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में पहले अपने आप को क्राइम ब्रांच रायपुर में पदस्थ होना है। एएसपी मेघा टेम्भुरकर ने कहा, जैसलमेर के रास्ते पाकिस्तान के किसी गिरोह का सदस्य हो सकता है।
पत्रकार से ब्राउन शुगर मिला
ड्रग्स के कारोबारी युवा हैं और इनके ग्राहक भी युवा ही हैं। पहले कहा जाता था कि तलाक होने, मुहब्बत में नाकाम अथवा गलत सोहबत की वजह से नशीले पदार्थो का इस्तेमाल करने लगा है। लेकिन आज संपन्न और सफल व्यक्ति ही नशीले पदार्थो का सेवन करता है। इसकी फिक्र नहीं करते कि इससे उनके शरीर को कितना नुकसान होगा। जल्द से जल्द रईस बनने की चाहत में युवा वर्ग ड्रग्स के धंघे में आ गए हैं। राजधानी रायपुर के एक प्रतिष्ठित अखबार का 36 वर्षीय संवाददाता प्रकाश गुप्ता पत्रकारिता की आड़ में ब्राउन शुगर के कारोबार में लिप्त पाया गया। अंबिकापुर पुलिस ने 22 सिंतबर को उसके पास से दस ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया। जिसकी कीमत दो लाख रूपये है। आरोपी कुछ दिनों पूर्व ब्राउन शुगर के मामले में जेल से 6 वर्ष की सजा काट कर बाहर आया है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि 8 दिसंबर 2018 में शंकर घाट में पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी कर रहे दो युवकों को पकड़ा था। इनके पास से तीन लाख रुपए कीमत की ब्राउन शुगर जब्त किया था। इसमें से एक आरोपी बर्खास्त पुलिस आरक्षक है।
कुरियर से आते हैं ड्रग्स
ड्रग्स सप्लायर विकास बंछोर के अनुसार रायपुर में होने वाली बड़ी पार्टियों में ड्रग्स खपाया करता था। आरोपी इन पार्टियों में ड्रग्स को खपाने के लिये कोरियर और ट्रेनों में पार्सल से ड्रग्स मंगवाया करता था। ड्रग्स सप्लायर विकास कई बड़ी युथ पार्टियों को मैनेज करने का काम करता था। इन पार्टियों के जरिए वो बड़े घरों के युवक युवतियों से संपर्क कर उन्हें कोड मुहैया करवाता था। आरोपी ड्रग्स के बदले में इन युवओं से काफी मोटी रकम चार्ज करता था। बता दें कोकीन यानी कोक बॉलीवुड का ये सबसे फेवरेट ड्रग्स है। इसे कोक के नाम से जाना जाता है। एक ग्राम कोक की कीमत 6 से 7 हजार रुपए होती है। इसे युवा नाक के जरिए लेते और खाते भी हैं। एक बार जिसे कोक की लत लग गई, इसे छोड़ना मुश्किल होता है। इसे बड़े शहरों का चहेता नशा कहते है। क्योंकि ये वजन कम करता है और नींद उड़ाता है। मुंबई के बाद अब रायपुर में मिले कोकिन ड्रग्स मामले में नया खुलासा सामने आया है।
अंतर्राज्जीय गांजा तस्कर
महासमुंद जिलां मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा जिला बन गया है। पड़ोसी राज्य उड़ीसा से अवैध मादक पदार्थ गांजा की तस्करी जारी है। थाना कोमाखान की पुलिस नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश कर रही थी। इस दरमियान उड़ीसा की ओर से आ रहे एक ट्रक का नंबर राजस्थान पासिंग बताया गया था, को फारेस्ट नाका टेमरी के पास रोका गया। वाहन में सवार दो व्यक्त्यिों से पूछताछ की गई। खाली कैरेट के बीच 26 बोरियों में 165 पैकेट खाकी रंग की झिल्ली में अवैध मादक पदार्थ गांजा लिपटा मिला। खालीद और जाकिर हुसैन ने पुलिस को बताया िकवे दोनों अलवर राजस्थान के हैं। आरोपियों ने बताया कि उड़ीसा के भवानीपटना से दिल्ली तक गांजा की आपूर्ति उनके द्वारा की जा रही थी। आरोपियों के कब्जे से 8 कुंटल 10 किलो गांजा जप्त किया गया है। जिसकी बाजार मूल्य एक करोड़ बासठ लाख रूपये है।
बहरहाल नशे में उढ़ते छत्तीसगढ़ की चिंता करते हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध हरितवाल ने एसएसपी अजय यादव से मिलकर युवाओं के बीच ड्रग्स की चर्चा कर दस हजार रूपये प्रति ग्राम खरीदने वाले ग्राहकों तक पुलिस पहुंच कर सुरूर के समान पर रोक लगाएं। ताकि राजधानी रायपुर नशे की गिरफ्त से बच सके।










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