Sunday, November 8, 2020

कहीं भी सुरक्षित नहीं महिलाएं


प्रदेश में यौन अपराध चिंताजनक रफ्तार से बढ़ रहे हैं। कुछ ऐसी घटनाएं हंै जो खौफनाक सच्चाई को उजागर कर रहे हैं। शहरों में भी अब महिलाएं पुरूषों के हवस का आसान शिकार हैं। फिर भी कांग्रेस के मंत्री दावा करते हैं उनके यहां का गैंगरेप हाथरस जैसा नहीं है। स्पष्ट है कि कांग्रेस की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। पिछले नौ माह में डेढ़ हजार रेप की घटनाएं बता रही हैं कि छत्तीसगढ़ रेप स्टेट बन गया है।  


0 रमेश कुमार ‘‘रिपु’’
            छत्तीसगढ़ में बढ़ते यौन अपराध ने कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। लेकिन बलरामपुर,कांेडागांव और जशपुर की गंभीर घटना पर कांग्रेस चुप्पी साध ली। जबकि पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ में डेढ़ हजार से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं घटी। हैरान करने वाली बात है कि जांजगीर चांपा के कलेक्टर जनक प्रासद पाठक काम का लालच देकर एक महिला का यौन शोषण करते रहे। उस महिला को काम नहीं मिलने पर वह कलेक्टर जगन से दूरी बना ली। लेकिन वो उसके मोबाइल पर अश्लील मैसेज, वीडियो लगातार भेजते रहे। उसे प्रताड़ित करने के लिए उन्होंने धमकी दी, यदि उनसे नहीं मिली तो उसके पति को बर्खास्त कर देंगे। 15 मई 2020 को उनके आॅफिस में मिली। वहां उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसकी शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ धारा  376, 506 509 ख के तहत मामला दर्ज की। जाहिर सी बात ऐसी घटनाओं में बड़े लोगों को बचाने के लिए कई रास्ते निकल आते हैं।
 थाना प्रभारी रेपिस्ट निकला
अपने पद और ताकत का इस्तेमाल महिलाओं पर करने वाले सिर्फ कलेक्टर ही नहीं,गलत दुरूप्रयोग पुलिस अफसर भी करते हैं। पत्थगांव में थाना प्रभारी रहते हुए ओम प्रकाश धु्रव ने एक महिला को शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करते रहे। उनके खिलाफ महिला ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। निलंबित होने पर एक साल से वे फरार थे। रायगढ़ एस. पी संतोष कुमार ने मामले की जांच की। रायगढ़ जिला न्यायालय ने 16 अक्टूबर को सरेंडर करने पर उन्हें जेल भेज दिया।
यहां का गंैगरेप भयावह नहीं
हैरानी वाली बात है कि गैंगरेप की घटनाओं की तुलना करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डेहरिया ने कहा कि, हाथरस की घटना की तुलना में बलरामपुर में हुई घटना कम गंभीर है। सवाल यह है कि क्या गैग रेप की घटनाओं की तुलना करनी चाहिए? गौरतलब है कि बलरामपुर के वाड्रफनगर इलाके में 19 सितम्बर को एक नाबालिग लड़की को नशीली गोलियांँ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। चाइल्ड लाइन के समन्वयक महेंद्र को उसने काउंसलिंग में दुष्कर्म की जानकारी दी। आरोपी जयप्रकाश अगरिया को गिरफ्तारी के बाद दूसरे आरोपी की शिनाख्ती परेड कराई गई। जिसमें घनश्याम की शिनाख्ती हुई। नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार के खिलाफ भाजपा ने वाड्रफनगर पुलिस चैकी के सामने विरोध दर्ज कराते हुए गांधी जयंती मनाई। भाजपा ने कहा है कि पुलिस आरोपी को बचाने के लिए पीड़िता की मेडिकल जांच में लेट,लतीफी की। भाजपा ने पीड़िता को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की। वहीं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने पीड़िता के पिता से कहा, सरकार पीड़िता के पढ़ने का सारा खर्चा उठाएगी। आप चाहें तो उसे रायपुर में भी पढ़ा सकते हैं।’’
रेपिस्ट को बचाने सौदा
ऐसे अपराध से पता चलता है समाज में गिरावट पहले से अधिक आई है। रेपिस्टों को बचाने पुलिस  सौदा करती है। जैसा कि कोंडागांव जिले के धनौरा थाना क्षेत्र के ओड़ागांव में एक युवती के साथ सात लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। दो माह पहले वह अपने मामा के यहां शादी में अपनी सहेली के साथ गई थी। देर रात आरोपी उसे उठा ले गए जंगल। वहाँं उसके साथ गैंग रेप किया। वापस लौटने पर उसने अपनी सहेली को बताया। घटना के बाद युवती के परिजन पुलिस के चक्कर लगाते रहे लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस बीच 4 अक्टूबर को युवती के पिता ने आत्महत्या की कोशिश की। पिता का कहना था कि वह अपनी बेटी को न्याय नहीं दिला पा रहे थे,इसलिए दुखी होकर आत्महत्या करने जा रहे थे।
कब्र से निकाला शव
ओड़ागांव की सरपंच संगीता नाग ने दावा किया कि पीड़िता की आत्महत्या के 15 दिनों बाद मामले को लेकर दो आरोपियों के परिजनों को पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था। इस दौरान थाने में गांँव के कुछ अन्य लोगों की मौजूदगी में परिजनों और थाना प्रभारी के बीच लेने देन की बात हुई थी। बड़ी रकम मांगे जाने पर डील पक्की नहीं हुई। थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। पीड़िता के सुसाइड मामले पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने एस.पी को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। युवती के शव को कब्र से निकाल कर  पी.एम मेकाहारा के फारेंसिक डिपार्टमेंट के डाॅक्टरों ने किया है।
दुष्कर्म के मामलों में इजाफा इस बात का संकेत है कि गांव हो या फिर शहरी आबादी दोनों जगह बदलाव केवल दिखावटी है। लोग कितने भी रईस हों,अच्छे कपड़े पहनें,अच्छी गाड़ियों में चलें लेकिन, उनके व्यवहार में संकीर्णता बनी रहती है। शादी,बर्थडे पार्टी और अन्य आयोजनों में बलात्कार जैसे अपराध ज्यादातर होते हैं।
नौ माह में डेढ़ हजार रेप
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराध परेशान करने वाले हैं। महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, जबरन सहवास, छेड़छाड़,कपड़े खींच कर बेइज्जत करना जैसे अपराध में इजाफा हो रहा है।  राज्य में एक जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2020 तक बलात्कार के 2575 मामले दर्ज किए गए हैं। राज्य के रायपुर जिले में सबसे अधिक 301 मामले, रायगढ़ जिले में 196, बिलासपुर में 144,सरगुजा में 139,सूरजपुर में 132, जशपुर में 123, बलौदबाजार में 123, बस्तर में 115, कोरिया में 114, बलरामपुर में 112 और कोरबा जिले में 102 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह का आरोप है कि पिछले नौ माह में डेढ़ हजार दुष्कर्म की घटनाएं प्रदेश में घटी। गैंगरेप के बढ़ते मामलों पर सी.एम. बघेल के साथ चर्चा के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को छत्तीसगढ़ आना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा प्रदेश की बेटियां बस्तर से बलरामपुर तक कहीं भी सुरक्षित नहीं ये कैसा नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने चले हैं। छत्तीसगढ़ के हर जिले में प्रतिदिन एक बलात्कार हो रहा है। हम राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ आमंत्रित करते हैं।
इनामी रेपिस्ट बिहार में पकड़ाया
सीतामढ़ी बिहार निवासी बेचूराम रायपुर में काम कर रहा था। इस दौरान अगस्त 2016 में मंदिरहसौद निवासी 14 साल की किशोरी को शादी का झांसा देकर भगा ले गया। किशोरी के गायब होने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। आरोपी करीब 4 माह बाद दिसंबर में किशोरी को रायपुर रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग निकला। रायपुर एसएसपी अजय यादव ने बिहार पुलिस से संपर्क किया और आरोपी को उसके गाँव से गिरफ्तार किया।
खुद के प्रदेश की चिंता नहीं
उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की युवती से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में कांग्रेस ने रायपुर में मौन प्रदर्शन किया। लेकिन उनके राज्य में हो रहे गैग रेप का उन्हें अफसोस नहीं है। जशपुर जिले में 9 अक्टूबर को 19 वर्षीय लड़की अपने रिश्तेदारों के यहांँ से लौट रही थी। आरोपी 33 वर्षीय अरूण लकड़ा, 37 वर्षीय सुशील चैहान,और फिरोज बेक ने उसका अपहरण कर उसके साथ गैंग रेप किया। पीड़िता सुबह गाँव के बाहर बिहोश मिली। उसकी मेडिकल जाँच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया गया है।
ऐसी घटनाओं से एक बात साफ है कि बलात्कारी ज्यादातर जान पहचान वाले ही होते हैं। उन्हें लगता है कि कम उम्र की लड़कियों से रेप करने पर वो डर की वजह से किसी को बतायेंगी नहीं। समाज में एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव की जरूरत है। जैसा कि कोरबा में एक पिता अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। हिम्मत जुटा कर उसने अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बढ़ता बलात्कार और बचते अपराधी से जाहिर है कि औरत कहीं महफूज नही हैं। प्रगतिशील समाज, अब भी औरत को अबला ही मानता है। जरूरी है राज्य सरकारों को अपने प्रदेश मंे यौन अपराध पर नकेल लगाने की दिशा में सोचना चाहिए।
 
 












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