Friday, March 1, 2013

बड़े प्यार से उसके लिए खरीदा था चूड़ियां.......

 बड़े प्यार से उसके लिए खरीदा था चूड़ियां
पर जख्मी थी उसके हाथ की सभी ऊंगलियां

माली नोच के फेक दिया उन सभी फूलों को
जिन पर प्यार की दास्तां लिखी थी तितलियां

ये सोच के दवाएं ले गया,दुआएं छोड़ गया वो
मौत और जिन्दगी के बीच नहीं रहेगी दूरियां

बहेलियों के तीर का नहीं है खौफ परिदें को
उसे सुनाता है तूफान के आने की कहानियां

मजार पे चढ़ा आया चादर कि बरक्कत होगी
मगर ईद में भी, मेरी बच्ची का तन था उरियां

जब तक जुगनू हैं,हाथों में भरी भरी चूड़ियां हैं
धड़कती रहेंगी दिलों में,मुहब्बत की कहानियां
                     0 रमेश कुमार ‘रिपु‘
                     मे. 09300244876



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